टैटू ऑफ डिजायर: भाग 1

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Tattoo Of Desire: प्रिया ने घर में आखिरी बार आईने के सामने खड़े होकर खुद को देखा। उसकी उंगलियाँ काँप रही थीं। 26 साल की उम्र में आज वो इतनी नर्वस क्यों महसूस कर रही थी? काले टाइट जींस, सफेद ढीला टॉप और नीचे सिर्फ साधारण काली पैंटी। बाल खुले छोड़ दिए थे, हल्का मेकअप किया था — बस लिप बाम और काजल। उसने गहरी सांस ली।

“बस एक टैटू है, प्रिया। कोई डील नहीं,” उसने खुद से कहा। लेकिन वो जानती थी कि ये सिर्फ टैटू नहीं था। ये उसकी जांघ के सबसे नाजुक, सबसे प्राइवेट हिस्से पर होने वाला था। वो जगह जहाँ कभी किसी की नजर भी नहीं पड़ी थी।

दो महीने पहले नेहा ने कहा था, “तू राहुल के ब्रेकअप के बाद पूरी तरह से बंद हो गई है। कुछ ऐसा कर जो तेरे अंदर की उस लड़की को जगाए, जो डरती नहीं।” उसी रात प्रिया ने स्केच बनाया था — एक छोटा सा चाँद, जिसके अंदर एक नाजुक लता लिपटी हुई। हिडन स्ट्रेंथ और सेन्शुअलिटी का सिंबल।

उसने बैग उठाया और बाहर निकल गई। मुंबई की शाम की भीड़ में cab लेकर “Ink & Silence” स्टूडियो पहुँची। Bandra की एक शांत गली में, पुरानी दो मंजिला इमारत। बाहर का बोर्ड साधारण था, लेकिन अंदर घुसते ही माहौल अलग था।

दरवाजा खोलते ही हल्की लैवेंडर, सैनिटाइजर और नई चमड़े की खुशबू आई। सॉफ्ट इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक बज रहा था — कोई पियानो ट्यून। दीवारों पर ब्लैक एंड व्हाइट टैटू आर्ट लगे थे, जिन्हें देखकर लगता था किसी ने बहुत सोच-समझकर बनाया है।

“हैलो…” प्रिया ने हल्की सी आवाज में कहा।

पीछे से एक गहरी, शांत आवाज आई, “प्रिया, राइट?”

वो मुड़ी।

आर्यन।

लंबा कद, करीब 6 फीट। काली फिटेड शर्ट जिसकी आस्तीनें कोहनियों तक चढ़ी हुई थीं। forearms पर डार्क इनक के टैटू — कुछ ज्यामितीय, कुछ abstract। चेहरा sharp, हल्की neatly trimmed दाढ़ी, आँखें गहरी भूरी जो सीधे देखती थीं। न तो overly muscular, न ही दिखावटी। बस वो natural confidence और calmness जो कमरे को भर देता है।

“हां… मैं प्रिया,” उसकी आवाज थोड़ी कांपी।

आर्यन ने मुलायम मुस्कान दी। “आर्यन। वेलकम। पानी पियोगी? या कॉफी?”

“पानी… थैंक्यू,” प्रिया ने कहा और सोफे पर बैठ गई।

आर्यन पानी का ग्लास लेकर उसके सामने बैठ गया। उसकी बॉडी लैंग्वेज पूरी तरह रिलैक्स थी, लेकिन आँखें alert थीं।

“तो बताओ, आज क्या बनवाना है?” उसने धीरे से पूछा।

प्रिया ने फोन निकाला और स्केच दिखाया। आर्यन ने फोन हाथ में लिया और ध्यान से देखा। उसके अंगूठे स्क्रीन पर थोड़ा घूमे।

“Beautiful. Simple लेकिन powerful। Size कितना रखें?”

“लगभग 3 इंच।”

“Position?” उसने सीधे उसकी आँखों में देखते हुए पूछा।

प्रिया ने एक सेकंड हिचकिचाया। गला सूख गया। “Inner… left thigh। काफी high up… close to the… you know.”

आर्यन ने हल्का सिर हिलाया, जैसे वो समझ गया हो। “Okay. मैं समझ गया। Privacy का पूरा ध्यान रखेंगे। स्टूडियो में आज सिर्फ मैं हूँ, कोई assistant नहीं। लेकिन अगर तुम्हें किसी भी पल में uncomfortable लगे, तुरंत बोल देना।”

उसने consent form दिया। अगले 15 मिनट तक आर्यन ने पूरी प्रक्रिया बहुत धीरे-धीरे समझाई — दर्द कितना होगा, कितना समय लगेगा (2 से 2.5 घंटे), aftercare, infection से बचाव, क्या खाना नहीं है। हर बात professional थी, लेकिन उसकी आवाज में एक गर्माहट थी जो प्रिया को बार-बार अंदर तक छू रही थी।

“कुछ सवाल?” उसने पूछा।

“दर्द… कितना होगा?” प्रिया ने हल्के से पूछा।

आर्यन मुस्कुराया, “पहले 20-25 मिनट सबसे मुश्किल। उसके बाद body adjust कर लेती है। कुछ लोगों को दर्द के साथ दूसरे sensations भी महसूस होते हैं। खासकर sensitive areas में। नॉर्मल है। घबराना मत।”

प्रिया का चेहरा हल्का गर्म हो गया। वो बस हाँ में सिर हिला दी।

“चलो, private room में चलते हैं।”

आर्यन उसे अंदर वाले कमरे में ले गया। कमरा छोटा लेकिन बहुत cozy था। dim yellow light, एक adjustable tattoo bed जिस पर सफेद साफ शीट बिछी थी। कोने में sanitizer, gloves, needles की व्यवस्था। हल्की सी AC चल रही थी।

“मैं बाहर जाता हूँ। जितना comfortable हो, उतना कपड़ा हटा लो। सिर्फ जिस जगह टैटू बनाना है वो exposed रहे। मैं 3 मिनट बाद knock करके आऊँगा। ठीक है?”

प्रिया ने हाँ कहा।

दरवाजा बंद होने के बाद उसकी सांसें तेज हो गईं। उसने जींस का बटन खोला। धीरे-धीरे जींस उतारी। जांघों पर ठंडी हवा लगी। सिर्फ काली पैंटी रह गई। वो bed पर लेट गई और सफेद चादर को अपनी कमर तक खींच लिया, लेकिन जांघ का बायाँ हिस्सा खुला छोड़ दिया। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।

Knock।

“Come in,” प्रिया ने कहा।

आर्यन अंदर आया। gloves पहन चुका था। उसने प्रिया को देखा, फिर professional तरीके से bed को adjust किया ताकि वो perfect angle पर हो।

“आराम से लेट जाओ। पैर थोड़ा spread कर लो… बस जितना comfortable हो।”

प्रिया ने पैर थोड़ा खोला। उसकी जांघ की नरम inner skin अब पूरी तरह exposed थी। आर्यन ने stencil पेपर निकाला।

“मैं stencil लगाने वाला हूँ। ठंडा लग सकता है।”

उसने antiseptic wipe से जगह साफ की। ठंडा, गीला touch। फिर stencil को carefully position किया। आर्यन की fingers प्रिया की जांघ पर पड़ीं — gloves के बावजूद उनकी गर्मी महसूस हो रही थी।

“यहाँ ठीक है?” उसने stencil को adjust करते हुए पूछा।

“हाँ… थोड़ा और अंदर की तरफ,” प्रिया ने धीरे से कहा।

आर्यन ने stencil को हल्का दबाया, फिर ऊपर-नीचे किया। हर बार उसकी उंगलियाँ skin पर दबाव डाल रही थीं। प्रिया की सांस अटक गई।

“Perfect,” आर्यन ने कहा और mirror उठाकर दिखाया। “देखो। पसंद आया?”

प्रिया ने देखा। डिजाइन बिल्कुल वैसा ही था जैसा उसने सोचा था। “हाँ… बहुत अच्छा है।”

Stencil हटाने के बाद आर्यन ने machine तैयार की। हल्की buzzing sound शुरू हुई।

“मैं शुरू कर रहा हूँ। पहले touch पर दर्द लगेगा। Breathe deeply।”

उसने अपनी बाईं hand प्रिया की जांघ के ऊपर रखी — skin को stretch करने के लिए। fingers firm लेकिन gentle। thumb inner thigh पर थोड़ा दबा हुआ था।

पहला needle touch।

“आह…” प्रिया के मुंह से निकल गया। तीखी जलन, जैसे छोटी-छोटी सुइयाँ बार-बार चुभ रही हों।

आर्यन तुरंत रुका। “ठीक है? बहुत तेज है तो बताओ।”

“नहीं… continue,” प्रिया ने दाँत भींचकर कहा।

आर्यन ने फिर शुरू किया। धीरे-धीरे, छोटे-छोटे strokes में। हर stroke के साथ वो skin को stretch करता, thumb से हल्का massage जैसा दबाव देता। प्रिया को दर्द के साथ-साथ एक अजीब सी गर्माहट महसूस हो रही थी। उसकी जांघ की नसें सिहर रही थीं।

“तुम बहुत अच्छा कर रही हो,” आर्यन ने 7-8 मिनट बाद शांत आवाज में कहा। “ज्यादातर लोग इतनी देर में बोलते हैं कि रुक जाऊँ।”

प्रिया हल्के से मुस्कुराई। “दर्द तो है… लेकिन manageable।”

“अच्छा। बताओ, ये डिजाइन क्यों चुना?”

प्रिया ने धीरे-धीरे बताया — ब्रेकअप, नई शुरुआत, hidden strength। आर्यन सुनता रहा, बीच-बीच में “hmm” करता, कभी सवाल पूछता। उसकी fingers लगातार काम कर रही थीं — stretch, hold, release। कभी thumb थोड़ा और अंदर की तरफ सरक जाता।

20 मिनट हो चुके थे।

प्रिया की सांसें अब थोड़ी भारी हो गई थीं। दर्द अब जलन में बदल रहा था। लेकिन उसकी जांघ के अंदरूनी हिस्से में एक अलग सी गर्मी फैल रही थी। वो खुद को control करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन हर बार जब आर्यन का thumb हल्का घूमता, उसके शरीर में बिजली सी दौड़ जाती।

आर्यन ने machine थोड़ी देर के लिए रोकी। प्रिया की ओर देखा। उसकी आँखें अब पहले से थोड़ी गहरी लग रही थीं।

“तुम्हारी सांसें तेज हो रही हैं,” उसने बहुत शांत लेकिन observant स्वर में कहा। “दर्द के अलावा कुछ और भी feel कर रही हो क्या?”

प्रिया का चेहरा लाल हो गया। वो कुछ नहीं बोली।

आर्यन ने हल्का सा smile दिया। “Relax. यहाँ सब नॉर्मल है। Body की reaction है।”

उसने फिर machine ऑन की। इस बार touch और deliberate लग रहा था। fingers skin को और अच्छे से stabilize कर रहे थे। प्रिया की आँखें आधे बंद हो गईं। बाहर बारिश शुरू हो चुकी थी। कमरे में सिर्फ buzzing sound, बारिश की आवाज और दोनों की सांसें।

टैटू अभी सिर्फ 25-30% बना था।

लेकिन प्रिया पहले ही समझ चुकी थी कि आज सिर्फ स्याही नहीं, कुछ और भी उतरने वाला है उसकी skin के अंदर।

टैटू ऑफ डिजायर: भाग 2

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