अनछुई आग: भाग 4
नेहा का पूरा शरीर एक लंबी लहर की तरह उठा और फिर धीरे-धीरे नीचे आया। आरव का कठोर शिश्न अभी भी उसके अंदर पूरी तरह समाया हुआ था। मधुर गुफा उसे कसकर जकड़े हुए थी, जैसे कभी छोड़ना ही न चाहती हो। दोनों के शरीर पसीने से भीगे हुए थे, लेकिन वो पसीना मीठा था … Read more