Best Friend Ki Behen – भाग 2

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Best Friend Ki Behen: राहुल अभी भी बेड के किनारे पर बैठा था। उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। सिया उसके बिल्कुल पास बैठी थी, उसकी जाँघ राहुल की जाँघ से हल्के-हल्के टच हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक छोटी नाइट लैंप जल रही थी, जिसकी हल्की पीली रोशनी सिया के चेहरे और खुले कंधों पर पड़ रही थी। बाहर पूरा फ्लैट सन्नाटे में था। विशाल के खर्राटों की हल्की आवाज़ दूर से आ रही थी।

सिया ने राहुल की आँखों में देखा और धीरे से बोली, “Rahul bhaiya… aap chup kyun ho गए? Kuch boliye na। मैं जानती हूँ कि आप shock हो गए हैं, लेकिन मैं झूठ नहीं बोल रही।”

राहुल ने गहरी साँस ली। उसकी आवाज़ थोड़ी भारी हो गई थी, “Sia, yeh sab sunke main khud ko blame कर रहा हूँ। शायद मैंने कभी कुछ गलत signal दे दिया होगा। तुझे बचपन से जानता हूँ, तुझे कभी ऐसे नहीं देखा। लेकिन आज… तू जो बोल रही है, वो सुनकर मेरा दिमाग घूम रहा है।”

सिया ने हल्के से मुस्कुराते हुए अपना हाथ राहुल की जाँघ पर रख दिया। कपड़े के ऊपर से भी उसकी उँगलियों की गर्मी महसूस हो रही थी। “Bhaiya, aapने कभी गलत signal नहीं दिया। मैंने खुद feel किया। जब आप आते हो, तो मेरे साथ कैसे बात करते हो – eye contact, smile, वो छोटी-छोटी caring वाली बातें। Vishal bhaiya तो बस tease करते रहते हैं, लेकिन आप… आप मुझे special feel कराते हो।”

राहुल ने उसका हाथ हटाने की कोशिश की, लेकिन सिया ने और हल्का दबाव डाला। “Sia, please… mat कर ये। हम बातें कर रहे हैं, बस। Touch मत कर।”

“क्यों bhaiya?” सिया ने innocent स्वर में पूछा, लेकिन उसकी आँखों में शरारत थी। “मैं तो बस feel कर रही हूँ कि आप real हैं। कितनी बार सपने में देखा है आपको… कि आप मेरे पास बैठे हैं, मेरे हाथ थामे हुए। अब जब आप सच में यहाँ हो, तो मुझे रोक नहीं पा रही हूँ।”

राहुल ने अपना चेहरा हाथों में छुपा लिया। “Tu samajh नहीं रही। Vishal मेरा best friend है। हमने साथ में कितनी मुश्किलें झेली हैं – job hunt, breakup, family issues। अगर उसे ये पता चल गया कि मैं उसकी छोटी बहन के साथ… तो वो कभी forgive नहीं करेगा।”

सिया ने धीरे से राहुल के हाथों को हटाया और उसके चेहरे को अपने दोनों हाथों में थाम लिया। अब उनके चेहरे सिर्फ 6-7 इंच दूर थे। “Rahul bhaiya, aap hamesha dusron ke baare mein sochte ho। Khud ke liye kabhi kuch nahi? Main 22 साल की हूँ। Adult हूँ। Main jaanti हूँ क्या सही है और क्या गलत। और मुझे आप सही लगते हो। Bahut सही।”

उसकी साँस राहुल के होंठों पर पड़ रही थी। हल्की शराब और mint की खुशबू। राहुल की आँखें अपने आप सिया के होंठों पर चली गईं – गुलाबी, चमकदार लिप ग्लॉस लगे हुए।

“सिया… तू बहुत खूबसूरत है,” राहुल अनजाने में बोल गया। फिर तुरंत सुधारा, “मतलब… तू attractive है, लेकिन ये सही नहीं।”

सिया की आँखें चमक उठीं। “तो आप मान रहे हो कि मैं attractive हूँ? Mujhe achhi lagti hoon aapko?”

राहुल ने सिर हिलाया, “Haan… लेकिन attraction और action में बहुत फर्क है। Attraction तो हजारों लोगों के साथ हो सकती है, लेकिन action… especially tere saath… impossible hai.”

सिया ने हल्के से हँसते हुए कहा, “Impossible? Dekhiye na bhaiya, aap already yahan mere room ke paas wale guest room mein ho, raat ke 3 baj rahe hain, aur hum dono akele। Nothing is impossible.”

उसने अपना सिर राहुल के कंधे पर टिका दिया। उसके बाल राहुल की गर्दन को छू रहे थे। “Bataiye na… aapने कभी मेरे बारे में सोचा है? Sapne mein bhi? Jab main college uniform mein होती थी, या जब मैं yoga करती हूँ घर पर?”

राहुल का शरीर तन गया। सच तो ये था कि पिछले कुछ महीनों में वो भी सिया को differently notice करने लगा था, लेकिन कभी admit नहीं किया था। “Sia… yeh puchh mat। Main try कर रहा हूँ control करने का।”

“Control kyun karna chahte ho?” सिया ने गर्दन उठाकर उसकी आँखों में देखा। “Main toh aapko control छोड़ने के लिए invite कर रही हूँ। Bas thodi der ke liye… feel karo।”

बातें जारी रहीं। सिया ने अपनी कॉलेज लाइफ की स्टोरीज़ सुनानी शुरू कीं। कैसे लड़के उसे propose करते हैं, कैसे एक सीनियर ने उसे डेट पर ले जाने की कोशिश की, लेकिन वो हर बार “No” कह देती है क्योंकि उसका मन राहुल पर अटका हुआ है।

“Ek baar ek boy ne mujhe kiss karne ki koshish ki party mein,” सिया धीरे से बोली। “Main usko dhakka dekar भाग गई। Uske baad mujhe sirf aapका खयाल आया। सोचा – ‘Rahul bhaiya के होंठ हों तो कितना अच्छा लगता’।”

राहुल ने काँपती आवाज़ में कहा, “Sia, yeh sab mat bata। Main already confuse हो रहा हूँ।”

“Confuse hona achha hai bhaiya,” सिया ने उसके कान के पास फुसफुसाते हुए कहा। “Life boring hoti hai jab sab clear ho। Thoda confusion, thoda risk… maza aata hai na?”

उसकी उँगलियाँ अब राहुल की शर्ट के कॉलर पर खेल रही थीं। एक बटन को हल्के से छू रही थीं, लेकिन खोल नहीं रही थीं। राहुल ने उसका हाथ पकड़ लिया।

“Sia, bas… ruk ja।”

लेकिन सिया ने हाथ नहीं छोड़ा। “Bhaiya, aapka haath kitna bada aur strong है। Mujhe acha lagta hai jab aap mera haath pakadte ho। Yaad hai jab main 18 की थी और mera breakup हुआ था? Aapने mujhe hug kiya tha comfort करने के लिए। Us din se main sochti हूँ कि वो hug kitna perfect tha।”

राहुल को वो दिन याद आ गया। उसने सिया को सिर्फ brotherly hug दिया था, लेकिन अब वो याद करके उसका शरीर गर्म हो रहा था।

समय बीतता जा रहा था। 3:30 हो चुके थे।

सिया ने अचानक पूछा, “Rahul bhaiya, aapकी last relationship kab thi? Us ladki के साथ aapने sab kuch kiya tha na? Sex bhi?”

राहुल चौंक गया, “Sia! Yeh sawal mat puchh।”

“Kyuki mujhe jaanna hai,” सिया ने जिद्दी स्वर में कहा। “Mujhe batao… aapko sex mein kya pasand hai? Rough? Slow? Kya?”

राहुल का चेहरा लाल हो गया। “Tu aisi बातें कैसे कर रही है? Pehle innocent si ladki thi, ab yeh sab…”

सिया हँसी, “Innocent abhi bhi hoon… lekin aapke saamne slutty banna chahti hoon। Sirf aapke liye।”

उसने अपना एक पैर मोड़कर बेड पर रख लिया, जिससे उसकी स्कर्ट और ऊपर चढ़ गई। अब उसकी जाँघों का बड़ा हिस्सा नंगा था। राहुल की नजर वहाँ अटक गई।

“Dekh rahe ho na?” सिया ने धीरे से कहा। “Meri thighs aapko achhi lagti hain? Soft hain na? Touch kar ke dekh lo… bas ek baar।”

राहुल ने आँखें बंद कर लीं। “Sia… yeh temptation mat de। Main weak हो रहा हूँ।”

“तो weak हो जाओ ना bhaiya,” सिया ने उसके कान में फुसफुसाया। “Main aapko sambhal lungi। Aur haan… bhaiya ko mat batana – yeh promise hai mera।”

बातचीत चलती रही। सिया ने अपनी फैंटसीज़ बताईं – कैसे वो राहुल के साथ घूमना चाहती है, लेट नाइट ड्राइव, बीच पर वॉक, और… private moments। राहुल ने समझाने की कोशिश की, लेकिन उसकी आवाज़ अब कमजोर पड़ रही थी।

सिया ने धीरे से राहुल की शर्ट का पहला बटन खोल दिया। “Bas comfort ke liye bhaiya। Aap tight feel kar rahe honge.”

राहुल ने विरोध नहीं किया।

फिर दूसरा बटन।

“सिया… बस कर।”

“Shhh… baat karte raho। Mujhe aapki voice sunni hai,” सिया बोली और उसके सीने पर हाथ फेरने लगी। “Aapki body itni hard hai gym ki wajah se। Mujhe touch karne do thoda sa।”

राहुल का सांस तेज़ हो गया। उसने सिया के बालों में हाथ फेरा – अनजाने में। सिया ने सुख से आँखें बंद कर लीं।

“Rahul bhaiya… aapka touch kitna different hai। Mujhe goosebumps aa rahe hain,” उसने कहा।

4:00 बज गए थे। कमरे में सिर्फ उनकी साँसें और हल्की फुसफुसाहटें गूँज रही थीं।

सिया ने अब राहुल की गोद में अपना सिर रख दिया। “Bas thodi der aise rahne do। Kuch aur nahi karungi abhi। Promise।”

राहुल ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया। अब resistance बहुत कम हो चुका था। लेकिन वो अभी भी आखिरी लाइन पार नहीं कर रहा था।

सिया ने आँखें खोलीं और ऊपर देखा, “Bhaiya… ek kiss? Sirf forehead pe… brother wala।”

राहुल झुका। लेकिन जैसे ही उसके होंठ सिया के माथे के पास आए, सिया ने अपना चेहरा ऊपर कर दिया और उनके होंठ हल्के से टच हो गए।

“Oops…” सिया ने शरारत से कहा, लेकिन दूर नहीं हटी।

राहुल रुक गया। अब दोनों की साँसें एक हो रही थीं।

बातें फिर शुरू हो गईं – और भी intimate, और भी लंबी। सिया अपनी sexual fantasies share कर रही थी, राहुल सुन रहा था और धीरे-धीरे जवाब दे रहा था।

Best Friend Ki Behen – भाग 1

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